बस्तर की ‘ज्ञानगुड़ी’ से निकले चार हीरे, पहले ही राउंड में एमबीबीएस सीट हासिल कर रचा गौरव

रायपुर। छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता है तो केवल उन्हें सही दिशा, गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराने की। बस्तर जिला प्रशासन द्वारा इसी सोच के साथ संचालित निःशुल्क ‘ज्ञानगुड़ी’ कोचिंग संस्थान आज प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की एक प्रेरक मिसाल बनकर उभर रहा है। संस्थान के चार होनहार विद्यार्थियों ने नीट की काउंसलिंग के पहले ही राउंड में शासकीय मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीट हासिल कर बस्तर का नाम रोशन किया है।    ज्ञानगुड़ी के विद्यार्थियों की यह सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उपलब्धि उन युवाओं ने हासिल की है, जो बस्तर के दूरस्थ अंचलों से आते हैं और जिन्हें बेहतर उच्च शिक्षा के लिए महानगरों जैसी सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध नहीं थीं। जिला प्रशासन की पहल, शिक्षकों के समर्पित प्रयास और विद्यार्थियों की कठिन मेहनत ने इन परिस्थितियों को अवसर में बदल दिया। चार विद्यार्थियों को मिली एमबीबीएस में प्रवेश की सफलता के तहत समीर मरकाम और गीतेश्वरी सलाम का चयन शासकीय मेडिकल कॉलेज, डिमरापाल जगदलपुर, कुमारी कृष्णा सेन का कांकेर मेडिकल कॉलेज तथा खुशबू बिस्वास का पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर में हुआ है। पहले ही राउंड में शासकीय मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश मिलना विद्यार्थियों की उत्कृष्ट तैयारी और ज्ञानगुड़ी की प्रभावी शैक्षणिक व्यवस्था का प्रमाण है।

← Back to Home